. आदि और अन्त तू ही है, अल्फ़ा और ओमेगा तू ही है,

 

दूतों की स्तुति तू ही है, बुद्धि और सब ज्ञान तू ही है

 

 

 

यीशु तू महान है, महान है, यीशु तू सच्चा है, सच्चा है,

 

यीशु तू ज़िन्दा है, ज़िन्दा है, यीशु तू धन्य है, धन्य है

 

दूतों की स्तुति भी तू ही है, बुद्धि और सब ज्ञान तू ही है,

 

राजाओं का राजा तू ही है, प्रभुओं का प्रभु तू ही है

 

 

 

2. जीवन मेरा पापों से भरा, जग अंधेरा और अशुद्ध सारा,

 

मेरे पापों से बचाने को, मेरे लिए जीवन दिया है

 

 

 

3. सारे गुनाहगारों के लिए, अपना खून बहाया उसने,

 

खाई कोड़ों की मार भी, दी सलीब पर उसने अपनी जान

 

 

 

4. वायदा किया है तूने, वायदा तू करता है पूरा,

 

वायदे के लिए आते हैं, बरकतों की बारिश अब उंडेल

 

 

 

5. न्याय करने आनेवाला है, न्याय के साथ राज करने को,

 

धर्मियों को लेकर न्याय से, सिंहासन पर राज करेगा

 

 

Share.

Comments are closed.