Author: Gendlal Vikey
गुन्हेगारों को देने सहारा आया चरनी में तारणहारा –(2) 1. मैदानों में दूतों ने गाया पैगाम खुशी का सुनाया –(2) मरियम की आँखों का तारा आया चरणी में राजदुलारा –(2) गुनहगारों… 2. मैदानों में करते रखवाली चमकी रौशनी खूब निराली –(2) आया दुनिया में यीशु जलाली ये शुभसंदेशा आया –(2) गुनहगारों… 3. सोना, मुर्र, लोबान चढाते अपने मुँजी को शीश नवाते –(2) सारे भूखे और प्यासों की धारा आया चरनी में तारणहारा –(2) गुनहागारों…) 4. हम भी आकर नजरे चढ़ाएं दिल के दाग मसीह को दिखाए –(2) भुखे प्यासों वही सहारा आया चरणी में तारणहारा –(2)…
गडरिओं ने देखा उजियाला आधी रात | वे बारी-बारी गल्ले की करते रखवारी, आ वाणी प्यारी बोला फिरिश्ता | फ़रमाया उसने बेथलहम तुम जाओ, कि पैदा हुआ यीशु मसीहा | कपड़े में लिपटा तुम को मिलेगा एक बच्चा, कि चरणी का भी चमका सितारा | Gaḍarioan ne dekha ujiyala adhi rat | Ve bari-bari galle ki karate rakhavari, a vaṇi pyari bola firishta | Faramaya usane bethalaham tum jao, Ki paida hua yishu masiha | Kapaḍae me lipaṭa tum ko milega ek bachcha, Ki charaṇi ka bhi chamaka sitara |
गुनाहों से दबा हुआ खौफ से भरा हुआ निगाहे तेरी ओर लगी हुई फर्यादी हे तुझसे जुडी हुई येशु तू जो चूले मुन्को तो मे आज़ाद हो जाऊ येशु तू जो चूले मुन्को तो मे बेख़ौफ़ हो जाऊ जो कुछ भी था मेरा , सब कुछ खो रहा हे पल पल दिल यह मेरा निर्बल हो रहा है दुआए तुझसे जो की है , वोह उम्मीद हे मेरी ज़िन्दगी तुझसे येशु , फिर एक बार चाह रहा हू तेरे ही रहम पर ज़िन्दगी यह टिक्की है मेरे हर एक ख्वाइश तुझसे जुडी हे तू ही मेरी सासों का…