Author: Gendlal Vikey

रूह की बारिश, बरसा चाहती हैख़ुदावंद की शिफ़ा आती है-2प्रेम की बरखा बरसा चाहती हैख़ुदावंद की शिफ़ा आती है-2 शिफ़ा का मुंबा, येशु मसीहाचूने का उसको वक़्त है येअपने ईमान से उसके लहू सेपापों से धुलने का वक़्त है ये तेरे गुनाह चाहे हो किरमाज़ीबर्फ की मानिंद धो देगा वोपानी और रूह से देगा जनमझरनों सी जिंदगी दे देगा वो कोदे भी खाये तेरे लियेतेरे लिए ही वो सुली चढ़ाकुचला गया वो तेरे लिएतेरी शिफ़ा को ये सब सहा उस पर नज़र कर ले ले शिफ़ाअपने मसीहा से ले ले शिफ़ाउसकी सलीब से ले ले शिफ़ाउसके उसके लहू से ले…

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रूह ए पाक ख़ुदावंद तू आजान, जिस्म और रूह में तू बसजारूह ए पाक ख़ुदावंद तू आजान, जिस्म और रूह में तू बसजा आ… आ… रूह आआ… आ… रूह आरूह आ रूह आ रूह के शोले लपक लपक जब आते हैंबंधन सारे टूटके गिरते जाते हैंरूह के शोले लपक लपक जब आते हैंबंधन सारे टूटके गिरते जाते हैं आ… आ… रूह आआ… आ… रूह आरूह आ रूह आरूह ए पाक ख़ुदावंद तू आजान, जिस्म और रूह में तू बसजा बारिश होगी रूह पाक के बादल सेधुल जाएंगे मैले धब्बे अंदर सेबारिश होगी रूह पाक के बादल सेधुल जाएंगे मैले धब्बे…

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राहों की ज्योति है तू, जर्नू का पानी है तू मीठी कहानी है तू, तू ही तू, तू ही तू… राहों की ज्योति है तू, जर्नू का पानी है तू मीठी कहानी है तू, तू ही तू, तू ही तू… येसु मसीहा है तू, येसु खुदावंद है तू इबाने यहोवा भी तू, तू ही तू, तू ही तू.. माथे की बिंदिया है तू, चूड़ी की खन-खन है तू माथे की बिंदिया है तू, चूड़ी की खन-खन है तू गजरे की खुशबू भी तू, तू ही तू, तू ही तू. येसु मसीहा है तू, येसु खुदावंद है तू इबाने यहोवा भी…

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