Author: Gendlal Vikey
कहता है दिल मेरा धन्यवाद प्रभु, तूने किया कार्य माहान मेरे प्रभु…(2) तूने चुना एक निर्बल को, (2) कैसे करू धन्यवाद मेरे प्रभु…(2) कहता है दिल मेरा धन्यवाद प्रभु, तूने किया कार्य माहान मेरे प्रभु…(2) तूने दिया जीवन नया, (2) लाखो बार धन्यवाद मेरे प्रभु…(2) कहता है दिल मेरा धन्यवाद प्रभु, तूने किया कार्य माहान मेरे प्रभु…(2) Kahata hai dil mera dhanyavad prabhu, Tune kiya karya mahan mere prabhu…(2) Tune chuna ek nirbal ko, (2) Kaise karu dhanyavad mere prabhu…(2) Kahata hai dil mera dhanyavad prabhu, Tune kiya karya mahan mere prabhu…(2) Tune diya jivan naya, (2) Lakho bar dhanyavad…
करता हूँ मैं तेरी चिंता तू क्यों चिंता करता हैं आसुओं की घाटियों में हाथ न छोडूंगा तेरा मेरी महिमा तू देखेगा खुद को मेरे हाथों में दे दे मेरी शक्ति मैं तुझको देता हूँ चराऊंगा हर दिन मेरी कृपा में सभी तुझको भूलेंगे तो भी क्या मैं तुझको भूलूंगा कभी अपने हाथों में तुझे उठाकर चलाऊंगा हर दिन इसी जहाँ में अब्राहम का मैं परमेश्वर हूँ अदभुत कार्य क्यों न करूँगा लाल सागर में रस्ता दिया आज भी मैं करने के योग्य हूँ karata hoon main teree chinta too kyon chinta karata hain aasuon kee ghaatiyon mein haath na…
कब तक खुदा मेरा कबतक कब तक खुदा मेरा कबतक ऐ खुदा मुझ पे अपना केहर ना दिखा अब तो मुझ पर रहम केर की माई मेर चला मुझे दे दे शिफ़ा मुझे दे दे शिफ़ा बेकरारी मेरी जान की बढ़ती रहेगी कब तक खुदा मेरे कब तक कब तक खुदा मेरे कब तक ऐ खुदावंद तू अब मेरी जान को चोदा अपनी रहमत की खातिर से मुझ को बचा मर के कैसे करुंगा तुझे याद मैं कब्र में शुक्र कैसे करुंगा अदा मैं तो कराहते-कराहते थक ही गया और कब तक खुदा मेरे कब तक मेरे बिस्टर पे है…