Author: Gendlal Vikey
क्रूस ही मेरी पनाह क्रूस पर मेरी है निगाहें 1. आता हूं सलीम के पास मैं हूं अंधा और लाचार मेरी आंख है क्रूस पर खास है नजात का तलबगार बोलता हूं मैं क्रूस की जै यीशु अब बचाता है 2. मैं आवारा बे तकसीन कालिम राहत पाता हूं सुनता अब यहां कोल शिरीन तुझको मैं बचता हूं 3. तुझे सब कुछ देता हूं तुझे अपना कहता हूं तेरी चीजें लेता हूं तेरा नित मैं रहूंगा Crush hee meree panaah krush par meree hai nigaahen 1. aata hoon saleem ke paas main hoon andha aur laachaar meree aankh hai kroos…
क्रूस पर खास, क्रूस पर खास होगी मेरी नज़र जब तक मेरी रूह खुश हो जाएगी आसमान पर 1. यीशु रख सलीब के पास चश्मा जहाँ बहता मिलता मुफ़्त जो सभी को कलवरी से निकलता 2. क्रूस पर खास मैं गुनाहगार प्यार को देख खुश हुआ वहाँ दुःख मुसीबत में मेरा मुंजी मुआ 3. क्रूस के पास ऐ बर्रे खास देखूँ तेरे दर्द को चलूँ जब मैं रोज़-ब-रोज़, पनाह खास सलीब हो 4. क्रूस के पास मैं ठहरूँगा इस उम्मीद को रख के की सुनहरे वतन में पहुँचूँगा इस धार से Kroos par khaas, kroos par khaas Hogee meree nazar…
कितना मधुर समय है (२) जब मेरा यीशु मुझको चरणों में है बिठाता मुझको खाली करके आत्मा से भरता जाता (२) १. मुझको हरी हरी घास में चराता जीवन जल भी पिलाता (२) मुझको है बचाता जीवन में सुख वह लाता (२) २. चाहे मैं घोर अन्धकार से चलूँ, पानी से भी नडरूँ (२) तेरी सोठी और लोठी से मन मेरा शान्ति है पाता (२) अगर आप कोई गलती देखें तो कृपया व्हाट्सएप पर मैसेज कीजिए। Kitana Madhur Samay Hai (2) Jab Mera Yeshu Mujhko Charanon Mein Hai Bithaata Mujhko Khaalee Karake Aatma Se Bharata Jaata (2) 1. Mujhko Hare…