Author: Kuldeep Kumre
तेरे दिल के द्वार पर, यीशु खटखटाता,खोलो तुम दरवाज़ा, वो है आना चाहता 1 बनना चाहता है वह, तेरा ही मेहमान आज,तेरा रंज ओ फिक्र, वह उठाना चाहता 2 खुशी अपनी देता, होवे तू जलाली,रात दिन तेरे साथ ही, वह है रहना चाहता 3 नर्म आवाज़ से बोलता, मुआ वास्ते तेरे,छोड़ो बद सलूकी, खोलो दर मैं आता 4 तेरी खातिर मैंने पहिना ताज कटीला,तुझको अब जलाली ताज हूँ मैं पहिनाता 5 बेवफा न हो तू मेरे खून खरीदे,कर मेरा इकरार तू मुझ से क्यो शरमाता 6 खोलता दूं दरवाजा, दिल का एै मसीहा,आ और इस में रह तू मैं हूँ…
तेरी महिमा का बादल घेरे इस जगह कोहे प्रभु तू छू ले हमस भी को। 1. तेरी आत्मा की वर्षा बरसे इस जगह मेेंचंगाई और छुठकारा होवे यीशु के नाम से। 2. महिमा , महिमा ,महिमा, महिमा मेम्ने कीयीग्य योग्य योग्य योग्य है मेम्नापवित्र पवित्र पवित्र पवित्र है मेम्ना। Teri mahimaa kaa baadal ghere es jagah koHe prabhu tu chhu le hamas bhi ko। 1. Teri aatmaa ki varshaa barse es jagah meenChangaai aur chhuthkaaraa hove yishu ke naam se। 2. Mahimaa , mahimaa ,mahimaa, mahimaa memne kiYigy yogy yogy yogy hai memnaaPavitr pavitr pavitr pavitr hai memnaa।
तेरे सिवा दुनिया में मेराकोई नहीं है हमारा (2) कोई नहीं है सहारा1. सुख और दुःख में रहता है तु प्रभुबेसहारों का तू है सहारा (2)2. जीवन के पथ पर, ले जल प्रभु तूतेरी राहों में मुझे चलना सिखा दे ॥ (2) Tere siva duniya mein merakoee nahin hai hamaara (2) koee nahin hai sahaara1. sukh aur duhkh mein rahata hai tu prabhubesahaaron ka too hai sahaara (2)2. jeevan ke path par, le jal prabhu tooteree raahon mein mujhe chalana sikha de . (2)