Author: Kuldeep Kumre

दूर कहीं इन राहों में खो जाते हो तुम यूँ अकेले याद रखना कोई हर पल साथ चलता है दूर कहीं अन्धियारों में जब दिल तेरा घबराए याद रखना कहीं एक ज्योति क्रूस से जलती है 1 कितने ऐसे पल है तुम्हारे होते हो जब बे सहारा अपनों ही से चोट खाकर ढूँढते हो किनारा कल कहीं इस हाल में जब जिंदगी फँस जाए याद रखना कोई हर पल साथ चलता है 2 कल तुम्हें जो छोड देते बहुत दूर जाते ढूँढते आवाज़ देते थक के वो हार जाते कल कहीं उस हाल में जब ज़िंदगी फंस जाए याद रखना…

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दिल से, आराधना करू मैं इस ज़ूबा से, नाम तेरा ही लून मैं पुर दिल से, आराधना करू मैं इस ज़ूबा से, नाम तेरा ही लून मैं 1.करता हू तेरा शुक्रिया मैं प्रभु करता हू तेरा शुक्रिया मैं – (4) तेरे फ़ज़ल में, तेरी दया में लिपटा मैं रहता हू – (2) मैं रहता हू – (2) 2.जब होता हू, बेचैन कभी तेरी रूह तब मुझको थमती है मेरी मुश्किलो में, हर एक दर्द और गम में खुदवंद तू ही, मेरा शाफ़ी है – (2) 3.जब लेता हू, मैं नाम तेरा तेरी समर्थ को तब मैं देखता हू तुझसे मिली,…

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दिल की गहराई से मन की सचाई से येशू तुझे चाहू हर दम येशू तुझे प्यार करू हर पल शाम और सुबह गाता रहूं जो भी किया तूने मेरे लिए घोर अंधकार से मैं गुज़रू भी तो चरवाहा है तू क्यू डरूँ मैं पीछे ना हाटूँगा कभी में तू जो चाहेगा करूँगा में टाकूं हमेशा तुझे को मैं तेरे वचन से बढ़ूंगा मैं ज़िंदगी भर मैं रहूं तेरी छाया में प्रभु मेरे सारे सोते तुझमे मैं पाता हूँ मेरी ज़िंदगी तेरी अमानत तूही मेरा पिता मिली चनगाई तेरे लाहूं से योगया तू है खुदा मेरी स्तुति को तेरे चरणों में…

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