Author: Kuldeep Kumre

दुनिया का डेरा छोड़कर एक दिन, पहुंचूंगा मैं आनंत घर गाऊंगा खुशी से वहाँ जयगान क्लेशों पर जयवंत होकर 1.दुनिया के सुख न चाहूं, दौलत इज्ज़त न चाहूँ चलना मुझे है , यीशु के कदमों पर सर्वस्व करता तुझे, अर्पण, जग के विधाता प्रभूवर (2) 2.नफरत से मेरे अपने, मुझसे अपना मुँह मोड टुकरा के मुझको, गैरों की तरह अपने प्रभु की बाहों में, जल्द ही, रहूँगा मैं हर पाल (2) 3.धरती और सारी सृष्टि, निश्चय उस दिन बदलेगी होगा प्रभु से जब मेरा मिलन जाऊंगा पंछी के समान, उड़कर, होगा महिमा में रूपांतर (2) duniya ka dera chhodakar ek…

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बोलो जय मिलकर जय बोलो जय मिलकर जय, बोलो जय येशु की जय बोलो जय मिलकर जय, बोलो जय येशु की जय बोलो जय जय जय 1. क्रूस पे आपन खून बहा मुझ पापी को दी शिफा मन मेरे तू बोल सदा मन मेरे तू बोल सदा 2. प्रेम की तेरे ये ही रीत मन मई भर दे आपनी प्रीत तेरे प्रेम के गए गीत तेरे प्रेम के गए गीत 3.खिदमत अपनी ले मुझ से इस मंदिर में तुही बसे हिंद में तेरा नाम रहे हिंद मे तेरा नाम रहे Bolo jay milkar jaya Bolo jay milkar jaya, Bolo jay…

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बोलो जय मिलकर जय बोलो जय यीशु की जय (2) बोलो जय, जय, जय 1.प्रेम तेरे की यही रीत मन में भर दे अपनी प्रीत तेरे प्रेम के गायें गीत, हल्लेलूयाह तेरे प्रेम के गायें गीत। बोलो जय…… 2.क्रूस पर अपना खून बहा मुझ पापी को दी शिफा मन मेरे तू बोल सदा, हाल्लेलूयाह मन मेरे तू बोल सदा बोलो जय…… 3.तेरी कुदरत की यह शान खुद ही दाता खुद ही दान पूरे कर मन के अरमान, हल्लेलूयाह पूरे कर मन के अरमान बोलो जय….. 4.खिदमत अपनी ले मुझ से इस मनिदर में तू बसे हिंद में तेरा नाम रहे…

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