Author: Kuldeep Kumre

दुनिया की राहों में चलते चलतेहारा हुआ हूँ मैं आया हूँ येशु मैं आया हूँटुटा मन मेरा लाया हूँमैं टुटा मन मेरा लाया हूँसहारा चाहिए, सहारा दो येशुबिन तेरे मैं कहाँ जाऊ येशु मैं आया हूँटुटा मन मेरा लाया हूँमैं टुटा मन मेरा लाया हूँ 1) राहा कठिन और मैं दुर्बल हूँशक्ति मुझे तू देना हा हो 2चलते चलते जो मैं गिर जाऊमुझको तू उठा लेनाजब कभी मैं चल ने ना पाऊहाथ मेरा थाम लेनासहारा चाहिए, सहारा दो येशुबीन तेरे मैं कहाँ जाऊ येशु मैं आया हूँटुटा मन मेरा लाया हूँमैं टुटा मन मेरा लाया हूँ 2) शैतान से लड़ना…

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दाएं न बाएं न मुड़ना, आगे ही आगे बढ़नायेशु तुम्हारे संग है, संग संग उसके चलना । 1.जो मार्ग तुम ने चुना है, मन तुम उसी पर लगाना,…….2.येशु के आदर्श को, तुम पुरा करते रहना,येशु तुम्हारे संग है, संग संग उसके चलना । 2.अपनी समझ का सहारा, तुम कभी भी ना लेना…..येशु की आज्ञाओं को, हृदय पटल पर लिखना,येशु तुम्हारे संग है, संग संग उसके चलना । Dāean n bāean n muड़nā, āge hī āge baढ़nāYeshu tumhāre sanga hai, sanga sanga usake chalanā । 1.Jo mārga tum ne chunā hai, man tum usī par lagānā,…….2.Yeshu ke ādarsha ko, tum purā…

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दिल के दाग को धोवे कौन?लहू जो कि क्रूस से जारीःमरे मर्ज को खोवे कौन!लहू जो कि क्रूस से जारी। 1. मेरे मर्ज़ का शाफ़ी है,लहू जो कि क्रूस से जारी,मुआफ़ी को वह काफी है,लहू जो कि क्रूस से जार। 2. वह है मेरे कर्ज़ का दाम,लहू जो कि क्रूस से जारी,वह मेरा खास इनाम,लहू जो कि क्रूस से जारी। 3. मेरी वह उम्मीेद है खास ,जो कि क्रूस से जारीरास्ती का है खुश लिबास,लहू जो कि क्रूस से जारी। 4. दुःख तकलीफ़ में है पनाह,लहू जो कि क्रूस से जारी,वह है मेरे घर की राह,लहू जो कि क्रूस से…

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