Author: Kuldeep Kumre
लहू के बगै़र न शिफा न नज़ात है….2. तौबा के साथ ये मुफ़्त सौगात है….2. 1.इक तू ही बचे न बचेगा कुल घराना लहू की कुदरत को तूने न पहचाना वादो का सच्चा और सच उसकी बात है….2. तौबा के साथ ये मुफ़्त सौगात है। 2.एक ही बार उसने लहू को बहाया..2. बन्धनों को तोड़ के तो बाप से मिलाया हुआ अब सवेरा ख़त्म हुयी रात है..2. तौबा के साथ ये मुफ्त सौगात है….. 3.प्यरे तू क्यों सोचे खुदावन्द तुझसे दूर है… मुक्ती फज़ल से मिले उसके हुजूर है ईमाँ जो लाये खुदावन्द उसके साथ है तौबा के साथ ये…
लाखों हजारों जुबानों के साथ वर्णन ना कर पाइ तेरे महिमा मेरे प्रभु, यीशु मसीह कर लो कबूल ये आराधना 1.याद करू जब घायल बदन को कोड़ो की मार और काटे जख्य को तब आये होटों पे गीत ये मेरे लाखों… 2.याद करू जब तेरे वचन को मेरे पता इन्हें क्षमा करो तब आये होटों पे गीत ये मेरे लाखों… 3.याद करू जब तेरे लुटने को काटों और कीलों से जड़ते बदन को तब आये होटों पे गीत ये मेरे लाखों… 4.याद करू जब कृश मरण को तेरे पवित्र और पावन लहू को तब आये होटों पे गीत ये मेरे…
लकड़ी पे लटका नासरी, देने को जिंदगी वो ही बना था लानती, देने को रास्ती कुद्दुस कुद्दुस कुद्दुस कुद्दुस वो ही है पाक खुदा -2 हालेलूय्याह हालेलूय्याह हालेलूय्याह हालेलूय्याह 1.तेरे लहू से धुलने वाला, रुतबा तेरा जाने तेरे कलाम को पढ़ने वाला, जात तेरी पहचाने -2 कुद्दुस कुद्दुस कुद्दुस कुद्दुस वो ही है पाक खुदा लकड़ी पे लटका नासरी, देने को जिंदगी हालेलूय्याह हालेलूय्याह हालेलूय्याह हालेलूय्याह 2.क़दमों से तेरे जो भी लिपटे, ताजा मन वो ही खाए परस्तिश की माला जपने वाला, भरपूर जीवन पाए -2 कुद्दुस कुद्दुस कुद्दुस कुद्दुस वो ही है पाक खुदा लकड़ी पे लटका नासरी, देने…