Author: Kuldeep Kumre

महिमा तेरी ही हो,प्रताप भी तेरा ही हो,स्तुति और सन्ना और प्रशंसा,मिले तुझे प्रभुजी ।आराधना हो – 2मेरा प्रेमी यीशु ही की।1. अपने अनमोल लहू से तुने,आजाद किया हमको – 2राजा के रूप में, लेवी केदल में,चुन लिया अपने लिए।2. अगुवा मेरा साथी हमारा,तसल्ली देने वाला,अनमोल प्रेम के अनूठा बल से,आग जला दे मुझमें ।आराधना हो……3. आज और कल एक सा तू है,फिर आने वाला राजा,तेरा नाम हो ऊँचा,तेरा राज्य आवे,तेरी मर्जी पूरी हो । Mahima teri hi ho,prataap bhi tera hi ho,stuti aur sanna aur prashansa,mile tujhe prabhuji .aaraadhana ho – 2mera premi yishu hi ki.1. apane anamol lahoo…

Read More

मेरे मसिहा स्तुति हो -2हम्द-ओ सन्ना करता रहुजब तक मै जिंदा रहूं -2 (1) कृपा करने वलासदा तरस खाने वाला -2विलम्ब से क्रोध करने वलाप्रेम से भारा हु तुमेरे मासिहा …। (2) आदर महिमा तेरीसदा तुझको मिलन पये -2आनंद के बालिदान चढते हमआराधना करे …।मेरे मसिहा … (3) पुकारने वाले केसंग रेहने वाला सदा -2अवाज सुनकर आजाद क्रैकआनंद नेने वालामेरे मसिहा … (4) सृष्टि के पीहलेमेरे करण घायल हुवा -2मृत्‍यु से मुझ को नया जीवन देवकरनाए तोर से सृष्टि कीमेरे मासिहा … Mere masiha stuti ho-2Hmd o sanna krta rahunJab tak mai jinda rahun-2 (1) Kripa krne walaSada taras khana…

Read More

मेरा एक ही मित्र यीशु मेरा सब कुछ है 1.लाखों में वो मेरा एक ही प्रिय हैवो शारोन का गुलाब है और भोर का तारा हैलाखों में वो मेरा एक ही प्रिय हैउसके दुःख से मुझको शांति और आनंद मिलता हैउसका क्रूस मुझको चंगा करता है 2.मेरा सारा बोझ उठाया मुझे चंगा कर दियापावों को मेरे स्थिर किया हैजब अकेला था भटकता और सब ने छोड़ दियायीशु मेरा प्यारा मित्र बन गया Mera ek hi mitra Yishu mera sab kuchh hai 1.Lakhoan me vo mera ek hi priya haiVo sharon ka gulab hai aur bhor ka tara haiLakhoan me vo…

Read More