Author: Kuldeep Kumre
लहु लहु येशु का लहु गुनाहों से हमको धोता है 1.मसाह मसाह मसीह का मसाह बंधन सारे खोलता है 2.बड़े बड़े ना पीछे हटे खुदावंत का रूह फरमाता है 3.क्षमा क्षमा संपूर्ण क्षमा पाक लहु दिलाता है पाक 4.खुदा खुदा हमारा खुदा दिल मे रेहना चाहता है 5.खुदा खुदा हमारा खुदा रूह से भरना चाहता है 6.डरे डरे ना हरगिज़ डरे खुदावंत का रूह समझाता है 7.विजय विजय शैतान पर विजय येशु मसीह दिलाता है Lahoo Lahoo Yeshu Ka Lahoo Gunahon Ko Mere Dhota Hai 1.Masah Masah Masih Ka Masah Bandhan Saare Kholta Hai 2.Bade Bade Na Peeche Hatein Khudawant…
बोझ सबके गुनाह का उठाकर वो लिये जा रहा है बोझ सबके गुनाह का उठाकर वो लिये जा रहा है….. 1.क्या खता थी हमारे मसीह की जालिमो ने जो उनको सजा दी ठोक दी उसके हाथों में कीलें फिर भी येशु ने उनको दुआ दी बोझ सबके ……………. 2.ताज काँटों का सर पे पहनाया किस बेदर्दी से उसको सताया कैसे गिर जाता था येशु क्योंकी खून उसका बहाया बोझ सबके ……………. 3.सूली पे था मसीह बेसहारा उसकी पसली में जब भला मारा वो चली थी लहू की जो धारा है उसी में सभी का कफारा बोझ सबके गुनाह का उठाकर…
गड़रियो ने देखा उजियाला आधी रात वे बारी बारी गल्ले की करते रखवाली घबराये जबकि बोला फ़रिश्ता आधी रात 1. फ़रमाया उसने बेतलेहेम तुम जाओ की पैदा हुआ येशु मसीह आधी रात 2.कपडे में लिपथा तुमको मिलेगा एक बच्चा की चरनी का भी चमका सितारा आधी रात Gadariyo ne dekha ujiyala aadhi raat Wev bari bari galle ki kerte rakhwali Ghabraye jabki bola Farishta aadhi raat 1.Fermaya usne betlehem tum jao Ki paida hua yeshu masih aadhi raat 2. Kapde me lipta tumko milega ek baccha Ki charni ka bhi chamka sitara aadhi raat