Author: Kuldeep Kumre

यह रूह ओ जान ओ बदनमैं देता यीशु कोमुकद्दस एक कुरबानीयह उसके लिये हो 1.सब मज़बेह पर है हाज़िरमैं देखता आग की राहदेखता देखता देखतामैं देखता आग की राह 2.ऐ यीशु मेरे शाफ़ीतू मेरी है हयाततू देता मुझ को राहतऔर खुशी ओ नजात 3.ऐ काश कि आग आ जावेहो नूर से दिल मामूरऔर मेरी यह क़ुरबानीअब तुझ को हो मंज़ूर 4.मैं तेरा हूँ ख़ुदावन्दयह मेरा है इकरारतू मुझ को अपनी रूह सेरख अपना ताबेदार Yeh rooh o jaan o badanmain deta Yeshu komuqaddas ek kurbaaneeyeh uske liye ho 1.Sab mazbeh par hai haazirmain dekhta aag kee raahdekhta dekhta dekhtamain dekhta…

Read More

यीशु मेरा चरवाहा, मैं उसका गुण गाता हूं,छोटी उसकी भेड़ उसके पीछे जाता हूं। 1. हरियाली चारागाह मुझे चराता हैऔर निर्मल सोतों से मुझे पिलाता है,वह आगे आगे चलता है, रक्षा भी करता जाता है,उसकी मधुर वाणी से मैं तृप्त हो जाता हूं 2. वह मौत की घाटी से मुझे ले जाता है,जंगल के खतरों से मुझे बचाता है,वह मरहम पट्टी करता है, ढाढ़स भी मुझे देता है,उसकी प्रेम सेवा से मैं आनन्द पाता हूं 3. दुश्मन के सामने वह मेज़ बिछाता है,कटोरा आनन्द से वह उमड़ जाता है,सुन ले तू मेरे दिल की दुआ ; (2) वह पाक पवित्र…

Read More

1. यीशु कैसा दोस्त प्यारा, दुःख और बोझ उठाने को,क्या ही उम्दा वक्त हमारा, बाप के पास अब जाने को,आह ! हम राहत अक्सर खोते, नाहक गम उठाते हैंयह ही बाइस है यकीनन, बाप के पास न जाते हैं 2. गरचि इम्तिहान हो सामने, या तकलीफ, मुसीबत हो,तब दिलेर और शाद तुम होके, बाप को जाके खबर दो,कौन और ऐसा दोस्त है लायक, खोवेगा जो दुखों को,पर एक है जो रखता खबर, जाके बाप से सब कहो 3. क्या तुम्हारा हाल पुर दर्द है, क्या तुम बोझ से दबे हो?यीशु है हमदर्द हमारा, जाके उस को खबर दो,दोस्त जब छोड़े…

Read More