Author: Kuldeep Kumre

तुम जगत की ज्योति होतुम धरा के नमक भी हो- 2 1.तुमको पैदा इसलिये कियातुमको जीवन इसलिये मिलाउसकी मर्ज़ी कर सको सदातुम जगत… 2.वो नगर जो बसे शिखर परछिपता ही नहीं, किसी की नज़रतुम्हारे भले कामचमके इस तरहतुम जगत… 3.पड़ोसी से प्रेम, तुमने सुना हैदुश्मनों से प्रेम मेरा कहना हैतब ही तुम संतानपरमेश्वर समान,तुम जगत… 4.आँख के बदले आँख, बुराई का सामना हैफेरो दूसरा गाल, सह लो सब अन्यायऐसा जीवन हीपिता को भाता है,तुम जगत… Tum jagat ki jyoti hoTum dharaa ke namak bhi ho – 2 1.Tum ko paida isliye kiyaTumko jeevan isliye milaUske marzi kar sako sadaaTum jagat……

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तुझसा इस जहां में और कोई है नहींतुझ बिन आसरा मेरा है ना कहीं।रहूँ तेरी बाहों में प्रियतम मेरेतू ही मेरा सर्वस्व यीशु मेरे। आराधना तेरी आराधनायीशु मेरे, तेरी आराधना (2) 1.अर्पण करता हूँ खुद को हाथों में तेरेधो दे मुझको तू प्रभु वचनों से तेरेतेरी इच्छा पर ही तू मुझको चलाभर दे पवित्र आत्मा से मुझको ख़ुदा 2.चलता मैं रहूँ तेरी राहों पर सदाबनके रहबर मेरा तू चलना संग ख़ुदातुझ पर ही बना रहे मेरा भरोसातू मेरी चट्टान, रहूँ तुझ में स्थिर सदा Tujhsa Iss Jahan Mein Aur Koi Hai Nahi,Tujh Bin Aasra Mera Hai Na Kahin.Rahoon Teri Bahon…

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तेरी नज़र ही मुझे काफी है, सफर के लिएतेरी नज़र ही मुझे काफी है, सफर के लिएमुझे न चाहिए दौलत ये, छंद दिनों के लिएमुझे न चाहिए दौलत ये, छंद दिनों के लिएतेरी नज़र ही मुझे काफी है, सफर के लिएतेरी नज़र ही मुझे काफी है, सफर के लिए 1.जिऊँ मरुँ मैं मसीह में, ये आरज़ू है मेरीजिऊँ मरुँ मैं मसीह में, ये आरज़ू है मेरीवफ़ाएं प्यार की सच्ची, गवाही दूँ मैं तेरीवफ़ाएं प्यार की सच्ची, गवाही दूँ मैं तेरीतेरी नज़र ही मुझे काफी है, सफर के लिएतेरी नज़र ही मुझे काफी है, सफर के लिए 2.निग़ाह जो करके ज़फाएँ,…

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