Author: Shalem John

पवित्र आत्मा का व्यक्तित्व हम क्यों कहते हैं कि पवित्र आत्मा एक व्यक्ति है? इसके कुछ कारण नीचे दिए गए हैं – 1. पवित्र आत्मा की ओर संकेत करने के लिए बाइबल व्यक्तिवाचक सर्वनामों का प्रयोग करती है। यूहन्ना 16:7-8 और 13-15 में पवित्र आत्मा के लिए यूनानी भाषा में पुरुषवाचक सर्वनाम ‘वह’ का प्रयोग किया गया है। यूहन्ना 15:26 देखिए। 2. उसमें एक व्यक्ति की विशेषताएँ है। 1. इच्छा शक्ति (1 कुरि 12:11)। 2. बुद्धिमानी (नहेमा 9:20; रोमि 8:27)। 3. ज्ञान (1 कुरि 2:10-12)। 4. सामर्थ (प्रेरि 1:8)। 5. प्रेम करने की क्षमता (रोमि 14:30)। 6. दुःख करने की…

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भविष्यवाणियाँ पूर्ण हुईं यीशु मसीह से संबंधित इन कथनों में आप, हर एक के साथ उसके विषय में की गई पुराना नियम की भविष्यवाणी, और सैकड़ों वर्ष बाद उसके पूर्ण होने का नया नियम का विवरण पाएँगे। ये विस्मयकारी सच्चाइयाँ हैं! 1. मसीह इस्राएल से आएगा। गिनती 24:17-19; मत्ती 1:17 2. मसीह का जन्म दाऊद के परिवार और यहूदा के गोत्र में होगा। उत्पत्ति 49:10 और यशा 11:1; लूका 1:31-33 3. उसका जन्म बेतलेहेम में होगा। मीका ५:२; लूका २:४-७ 4. वह एक कुँवारी से जन्म लेगा। यशा 7:14; मत्ती 1:18,22,23 5. मसीह के आने की घोषणा एक अग्रदूत द्वारा…

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परमेश्वर का अस्तित्व इस बात के अनेक प्रमाण हैं कि परमेश्वर का अस्तित्व है। उनमें से कुछ पा हम इस पाठ में ध्यान देंगे: १. पवित्र शास्त्र से प्रमाणः बाइबल का आरम्भ इस सकारात्मक सत्य से होता है कि परमेश्वर का अस्तित्व है (उत्प १:१) और यह स्पष्ट रीति से बताती है कि मात्र मूर्ख ही उसके अस्तित्व को नकारते हैं (भजन १४:१)। २. सृष्टि से प्रमाणः आकाश की सुंदरता और महिमा परमेश्वर के अस्तित्व का प्रमाण देती है, (भजन १९:१) और सृष्टि ईश्वरत्व की अनन्त महिमा के बारे में सिखाती है (रोम १:२०)। ३. विवेक से प्रमाणः मनुष्य एक…

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