Author: Kuldeep Kumre

सागर के पार, ना होगा गम,यीशु जब साथ न होगा दर्द,नदी के पार, चमकेगा तारा,कभी न फिर मैं दुःखी रहूँगा 1.जीवन दुःखों में गुज़रा,सब जगह धोखा खाया,फिर भी था साथी मेरा,यीशु वो सबसे प्यारा 2.सबने छोड़ा मुझे,कहा कूड़ा के समान,यीशु ने दिया सहारा,और किया बेड़ा पार 3.क्या हाल है तुम्हारा,किस सोच में डूबे हो,आजाओ यीश़ु के पास,देगा वो जीवन का ताज Sāgar ke pāra, nā hogā gama,Yīshu jab sāth n hogā darda,Nadī ke pāra, chamakegā tārā,Kabhī n fir maian duahkhī rahūँgā 1.Jīvan duahkhoan mean guज़rā,Sab jagah dhokhā khāyā,Fir bhī thā sāthī merā,Yīshu vo sabase pyārā 2.Sabane chhoड़ā muze,Kahā kūड़ā ke…

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सांस से भी करीब आ तो सही,पूरे दिल से मुझे भुला तो सहीतेरी तन्हाईयों का साथी हूँ,मुझसे तन्हाईयाँ सजा तो सही 1.मैंने अपना लहू बहाया है,इस लहु से तुझे बचाया हैमैं यहोवा मसीह खुदावंद हूँ,मुझको अपना ख़ुदा बना तो सही 2.गुनहगार की मुआफ़ी हूँ,लानतो की अजब तलाफ़ी हूँमैं यहोवा शिफ़ा का मम्बा हूँ,मेरी शफकत को आज़मान तो सही 3.दिल की धड़कन मुझ ही से आती है,सांस मेरी तुझे बुलाती हैखटखटाता रहू बता कब तक,आँख मुझसे ज़रा मिला तो सही Sāansa se bhī karīb ā to sahī,Pūre dil se muze bhulā to sahīTerī tanhāīyoan kā sāthī hūँ,Muzase tanhāīyāँ sajā to sahī…

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सहारा मुझको चाहिये सहारा दे मुझे खुदा (2)मुझे संभाल मैं गिरा (2) 1.यह भोझ जो गुनाहों कामैं लेके आज चल रहा (2)उठायेगा अगर कोईवह तू ही तो है ऐ खुदामुझे संभाल मैं गिरा (2) 2.कठिन हैं रासते बहुतहर एक मोड़ पर खतर (2)अँधेरा सायों को हटादिखादे मुझको अब सहरमुझे संभाल मैं गिरा (2) 3.जहाँ के रासतो पे मैंअकेले चल न पाऊँगा (2)अगर जो चलना चाहूँ भीफिसल के गिर मैं जाऊँगामुझे संभाल मैं गिरा (2) Sahārā muzako chāhiye sahārā de muze khudā (2)Muze sanbhāl maian girā (2) 1.Yah bhoz jo gunāhoan kāMaian leke āj chal rahā (2)Uṭhāyegā agar koīVah tū hī…

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