Author: Kuldeep Kumre

सलीब पर यीशु मुआ हैयीशु की सिताईश होवह मेरा शाफी हुआ हैयीशु की सिताईश हो |खुदवन्द यीशु है मिहरबानवह नाम है मुझे खुश इल्हान |और ज़िंदा करता मेरी जानयीशु की सीतायिश हो | 1.मसीह ने लिया मेरा बारयीशु की सीतायिश होबचाया मौत से मुझ बदकारयीशु की सीतायिश हो | 2.मिट गए मेरे सब गुनाहयीशु की सीतायिश होमई चलता हु आसमानी राहयीशु की सीतायिश हो | 3.वह नाम सुनाया जाता हैयीशु की सीतायिश होबे-चैन को सुख दिलाता हैयीशु की सीतायिश हो | 4.जब होगी ज़िन्दगी तमामयीशु की सीतायिश होतब गाऊ उसकी हम्द मुदामयीशु की सीतायिश हो | Salīb par yīshu muā…

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सर्वसक्तिमान प्रभु महिमा का राजा तूधन्य धन्य पावन तू, आराधना करता हूँ । 1.मेरी चिंता करने वाला, मेरा बोझ उठाने वाल,दिल में खुशिया भरने वाला तू…… येशू 2.तू है चंगा करने वाला, सब कुछ संभव करनेवाला,मेरे जीवन का रखवाला तू – येशू 3.जो तू कहता, पुरा करता, हर पल मेरे संग है रहता,अवरोधों को समतल करता तू-येशू 4.निन्दाओ में अपमानों में, नफरतों और पीडाओ में,तेरी आखों की पुतली मैं हूँ… येशू Sarvasaktimān prabhu mahimā kā rājā tūDhanya dhanya pāvan tū, ārādhanā karatā hūँ । 1.Merī chiantā karane vālā, merā boz uṭhāne vāla,Dil mean khushiyā bharane vālā tū…… Yeshū 2.Tū hai…

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सबसे अलग – (4) तेरे विचार और तेरी गति 1.प्रेमी पिता,तेरे विचार, तेरी गति, सबसे अलग है यहा… (2)तेरा राजाइया, तेरी समर्थ – (2) छू रहे है यहा (2) 2.येशू मशीह,तेरा स्वाभाव, तेरा अभिषेक सबसे अलग है यहा… (2)तेरा नाम तेरी महिमा – (2) छू रहे है यहा – (2) 3.पवीत आत्मा तेरा स्पार्स, तेरे कार्य सबसे अलग है यहा… (2)तेरा ज्ञान तेरी बुद्धि – (2) छू रहे है यहा – (2) 4.चनगाई यहा, छुटकारा यहा, भलाई का स्रोता यहापवित्रता यहा, नम्रता यहा, जीवन का स्रोता यहा सबसे अलग, सबसे अलग – (2)तेरे विचार और तेरी गति – (2)पिता येशू…

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