Author: Kuldeep Kumre

सफर में धूप, तो होगी जो चल सको तो चलो (2)सभी है भीड़ में, जो तुम निकल सको तो चलो-(2) 1.यही है ज़िन्दगी, कुछ ख्वाब चन्द उम्मीदें हैं-(2)इन्हीं खिलौनों से तुम भी बहल सको तो चलो 2.किसी के वास्ते, राहे कहाँ बदलती है (2)तुम अपने आप, को खुद ही बदल सको तो चलो 3.मसीह है राह में तेरी तेरा वो हम दम है;(2)तुम उसका हाथ पकड़ कर जो चल सको तो चलो Safar mean dhūpa, to hogī jo chal sako to chalo (2)Sabhī hai bhīड़ mean, jo tum nikal sako to chalo-(2) 1.Yahī hai ज़indagī, kuchh khvāb chanda ummīdean haian-(2)Inhīan…

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सब कुछ यीशु है, मेरा सब कुछ यीशु हैइस दुनुया में मेरे लिए, सब कुछ यीशु है 1.दुःख मुसीबत के वक्त में, तसल्ली वह देता हैउसके पंखों के नीचे मैं सुरक्षित रहता हूं 2.मरुभूमि जगह में, मन्ना मुजको देता हैमारा के पानी को मुझको, मीठा करके देता है 3.पाप की क्षमा देता है, रोग से मुक्ति देता हैप्राणोँ को बेचता है, वह उत्तम चीजों देता है 4.जीवन की रोटी वह है , जीवन का पानी वह हैजो उसमें से खाता-पिता, उन्नत जीवन पता है 5.माता-पिता, भाई-बहनों, बन्धु-मित्र सब जनेंमेरी खुशी मेरा बल और मेरा सब कुछ यीशु है Sab kuchh…

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सब सामर्थ से उपर राजाधिराजसारी सृष्टी के उपर है सृजनहार,सरे ज्ञान से उपर है तेरा ज्ञान,था सृष्ठी से पहले विद्यमान,सब राज्योंकें उपर, तेरा तछ्त ओ ताज,ख्यालों से उपर, अजूबों के पार,खजानों से बढकर, हे तू मुल्यवान,तेंरी योग्यता है बेबयान। 1.किसत हुआ कब्र मे गया,जान देने तू जिया निदित त्यागा हुआ,एक फूल समान कुचला गया,ये सब सहा, मुझे कर के याद,अदभुत है प्यारे। Sab sāmartha se upar rājādhirājaSārī sṛuṣhṭī ke upar hai sṛujanahāra,Sare jnyān se upar hai terā jnyāna,Thā sṛuṣhṭhī se pahale vidyamāna,Sab rājyoankean upara, terā tachhta o tāja,Khyāloan se upara, ajūboan ke pāra,Khajānoan se baḍhakara, he tū mulyavāna,Teanrī yogyatā hai…

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